Thursday, April 30, 2020

सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से पेट और कमर की चर्बी खत्म होजाती है



     जौ एक प्रकार का अनाज है जौ आकार में गेहूँ की तरह दिखता है। जौ गेहूं से हल्का है। इसमें लैक्टिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, फॉस्फोरिक एसिड, पोटेशियम और कैल्शियम शामिल हैं। अगर आपके पेट में बहुत अधिक चर्बी जमा हो गई है, तो जौ का पानी पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जौ का पानी पीने से आपके पेट की चर्बी कम होती है। इस पोस्ट में विस्तार से जानें कि जौ का पानी चर्बी को कैसे कम करता है।

    जौ की रोटी को अक्सर डायबीटीज वाले लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। डायबिटीज वाले लोगों के शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। इस तरह की बीमारियों के अलावा, कई अन्य बीमारियां हैं जिनमें जौ हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। और जौ हमारे शरीर को इन बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, सेलेनियम, जिंक, तांबा, प्रोटीन, अमीनो एसिड,फाइबर सहित विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पाए जाते हैं। जौ हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। हम इसका उपयोग अनाज के रूप में करते हैं, और यदि इसका उपयोग पानी के साथ किया जाये तो यह हमारे शरीर को बहुत सारे लाभ देता है। यह हमें कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।

जौ का पानी कैसे तैयार करें:
इसके लिए, कुछ मात्रा में जौ (100-250 ग्राम) लें और इसे अच्छी तरह से साफ करें और फिर इसे लगभग चार घंटे के लिए पानी में भिगोकर छोड़ दें। फिर इस पानी को तीन से चार कप पानी में मिलाएं और कम से कम 45 मिनट तक उबालें। इसके बाद गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे एक बोतल में भर लें और इसे पीने के पानी के लिए उपयोग करें, यह एक दिन का उपयोग है, यह प्रक्रिया रोजाना करे फायदेमंद होगी। जो लोग मोटे हैं, कृपया जंक फूड छोड़ दें।
जौ को अनाज के रुप खाने के साथ-साथ उसका पानी पीने के क्या क्या फायदे हैं जाने

1. मोटापा, पेट और कमर की चर्बी को कम करता है
जौ वजन मोटापे से संबंधित समस्याओं में बहुत उपयोगी है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं। जिसके सेवन से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। जौ मोटापा कम करने में उपयोगी है, जिससे आप पतले दिख सकते हैं।
मोटापा कैसे कम करता हैं
 जौ घुलनशील और अघुलनशील फाइबर का स्रोत है। इस गुण के कारण, आप लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करते हैं। दो लीटर पानी में दो बड़े चम्मच जौ उबालें। उबालते समय ढक्कन को अच्छी तरह से ढक दें ताकि जौ के दाने अच्छे से पक जाएं। जब यह मिश्रण हल्का गुलाबी पारदर्शी मिश्रण बनजाये तो पीने के लिए तैयार है , तो रोज इसे छानकर पीये। आप नींबू, शहद और नमक भी मिला सकते हैं। छिलके वाले चीज में फाइबर ज्यादा होता है और पकाने में टाइम ज्यादा लगता है इसलिए बिना छिलके वाली चीज पकाने में आसान होती हैं। और जौ-चने के आटे की रोटी को खाने से भी पेट कमर और सारे शरीर का मोटापा कम हो जाता है।

2.पेट की चर्बी को कम करेगा 
इस मिश्रण को पीने से पेट की चर्बी को कम करेगा और साथ ही डीहाइड्रेशन की समस्‍या भी नहीं होगी  यह यूरीनरी इंफेक्‍शन और कब्ज़ से छुटकारा दिलाता है। इस अनाज में मुत्र बढाने का गुण होता है जो शरीर में विषाक्त पदार्थों के साथ-साथ अतिरिक्त पानी को निकालता है।

3.हृदय रोगों में
इसमें पाया जाने वाला तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सही रखता है। जिसकी वजह से आपको किसी भी तरह की दिल की बीमारी नहीं होगी। कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होना हृदय रोग का एक प्रमुख कारण है। 

4. रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत बना ता है
इसमें ऐसे तत्व होते हैं। जो आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है । इसके अलावा आपकी त्वचा में चमक भी आती है।

5. पेट में जलन
गर्मी के मौसम में जौ के पानी पीने से पेट मे ठंडक मील्ती है। अगर आपने मसालेदार खाना खाया है, जिससे पेटमे जलन होती हो तो जौ का पानी पीना चाहिए, जो पेट की जलन में बहुत आराम मिलता है।

6. पैरों की सूजन
गर्भावस्था की हालत में महिलाओं के पैरों में सूजन होजाती है। जौ के पानी से सूजन संबंधित तकलीफों से छुटकारा मिलता है।

7. मूत्र संबंधी समस्याएं
अगर आपको किसी भी तरह की मूत्र संबंधी समस्या है तो जौ के पानी का उपयोग करना बहुत फायदेमंद होता है। इससे आपकी मूत्र संबंधी समस्याएं  नही होती 

Monday, April 27, 2020

गुड खाने से क्या फायदे मिलते है जानकर आप हेरान रह जाओगे




आज बात करंगे गुड खाने के फायदे के बारे में जीन लोगोको गूड खाने के फायदे नही जानते वह इस पोस्ट मे गुड खाने से क्या क्या लाभ मीलते है जाने इस पोस्ट  में

खाना खाने के बाद कइ लोगों को पेट में  गेस बनती है तो  खाना खाकर 20 - 30 ग्राम गुड़ खाया जाये तो गैस की तकलीफ नही होती है

 खाना खाने से पहले या बादमें अक्सर लोगों को मीठी चीज खाने का दील करता हैं।तो सबसे बेहतर है कि खाना खाकर आप गुड़ खाएं। गुड़ को खाने के खाया जाए तो आप का शरीर स्वस्थ आैर हेल्दी रह सकते हैं

 खाना खाने के बाद अगर गुड खाये तो पाचन क्रिया को सही रखने के साथ-साथ खाना भी पचजाता है

गुड़ खाने से शरीर में खुन की कमी दूर करके खुन को साफ करता है और हाजमे को ठीक करता है। रोजाना एक गिलास पानी या दूध के साथ 20 ग्राम गुड़ खानेसे पेट को ठंडक जरूर मील्ती है। इससे गैस की तकलीफ नहीं होती। जिन लोगों को गैस की परेशानी है,  वो रोज़ खाना खाने के बाद थोड़ा गुड़ ज़रुर खाया करे

 जीन लोगोका को  खुन की कमी है उनको गुड खाना चाहिए क्योंकि गुड़ आयरन का मुख्य स्रोत है। इसलिए यह खुन की कमी के मरीज़ों के लिए बहुत ही फायदेमंद है खासतौर से महिलाओं को खुन की कमी की शिकायत जीयादा होती है तो उन महिलाओं के लिए गुड का खाना बहुत अधिक फायदेमंद है.
 जीन लोगोको त्वचा खराब है बो गुड खाये क्योंकि  गुड़ खुन से खराब टॉक्सिन साफ करता है, जिससे त्वचा चमकने लगती है और मुहांसे कील काले धब्बे की समस्या नहीं होती है।

 गुड़ की तासीर गर्म होती है, इसलिए गुड के सेवन करनेसे  जुकाम और कफ की तकलीफ दुरकरके इस्से आराम दिलाता है। जुकाम व कफ की वजासे अगर आप कच्चा गुड़ पसंद नही तो गुड की चाय बनाकर पीये या गुड के लड्डू बनाकर भी इसका युज कर सकते हैं।

जो लोग  काम करके थकजाते है और कमजोरी महसूस होती हो उनको गुड़ को खाने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। गुड़ जल्दी  पच जाने वाला  आहार है, इससे शुगर का लेवल भी नहीं बढ़ता. दिनभर काम करने से आपको थकान लगे तो तुरंत गुड़ खाले

 गुड़ शरीर के तापमान को कंट्रोल रखता है। इसमें एंटी एलर्जिक तत्व पाया जाता हैं, इसलिए दमा के मरीज़ खाये तो काफी फायदेमंद होता है।

 रोज़ गुड़ के एक टुकड़े को अदरक के साथ खाया करें, इससे जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता ऊ।
 गुड़ के साथ पके चावल खाया जाये तो बैठा हुआ गला ठीक होकर आवाज भी खुल जाती है।

 गुड़ और काले तिल के लड्डू बना कर सर्दियों मेंखाने से स्वास अस्थमा की शिकायत नहीं होती है।

 सीनेमे कफ जम गये हो तो गुड़ को पिघलाकर उसकी पपड़ी बनाकर खाएं।

 गुड़ में घी डालकर खाने से कान का दर्द दूर हो जाता है।

 खाना खाकर गुड़ खा लेने से पेट में गैस नहीं बनती.

 जीन लोगोको पीलिया होगया हो उनको पांच ग्राम सौंठ को दस ग्राम गुड़ के साथ खाने से पीलिया रोग में फायदा होता है।

गुड़ का हलवा बना कर खाने से दीमाग तेज होकर याद शक्ति  को बढाता है।

 गुड़ और सरसों का तेल दोनुंको समान मात्रा(5-5 ग्राम) लेकर दोनों को मिलाकर खानेसे श्वास(अस्थमा) रोग से छुटकारा मिलता है।


Sunday, April 26, 2020

अंकुरित मूंग का सलाद कैसे बनाएं जाने बनानेका पुरा तरीका हिंदी में



अंकुरित मूंग का सलाद कैसे बनाएं

अंकुरित मूंग का सलाद बनाना बहुत ही आसान है और यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। ये सलाद बिना पकी मूंग से बनाए जाते हैं, और उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद होते हैं जीनको समयकम होता हैं। विशेष रूप से जिनके पास खाना पकाने के लिए पर्याप्त समय नहीं है, और पूरी तरह से खाना बनाना नहीं जानते हैं। यह नुस्खा उन लोगों के लिए है जो घर से दूर, कभी-कभी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं

तो तैयार हो जाइए और इस रेसिपी को बनाना सीखिए।

मूंग को अंकुरित  यानी उगाने के लिए, सबसे पहले मूंग को साफ करें और मुंग को धो कर 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। मूंग को फिर से धो लें और पानी को छान लें। उसके बाद, इसे एक सूती कपड़े में लपेटें और इसे 10-12 घंटे (मौसम के आधार पर) या जब तक आप उगेहुये देखना शुरू नहीं करते हैं तब तक लटकाएं। जब कपड़ा सुख जाए, तो पानी फिरसे छिड़के। जब अंकुरित होजाये, तो खाने के लिए तैयार हैं। अंकुरित मूंग एक जीवित भोजन है। यदि आप अंकुरित मूंग को फ्रिज में रखते हैं, तो भी वे बढ़ते रहेंगे और  विटामिन की मात्रा भी बढ़ेंगी । यह खाने में पौष्टिक्ता बढ़ाता है और, खाने में पकवान में हल्कापन और मिठास लाता है।

संग्रह के तरीके

2 दिनों के अंदर अंकुरित मूंग का उपयोग करें क्योंकि वह जल्दी खराब होजाते है और उपयोग करने से पहले उन्हें धो लें।
 अंकुरित मूंग जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए खाने से पहले उन्हें धोना जरूरी है।
स्वास्थ्य संबंधी
 अंकुरित मूंग विटामिन, खनिज, प्रोटीन और एंजाइम का एक बेहतरीन स्रोत है।
 अंकुरित मूंग पचाने में आसान होती है। यह बड़ी मात्रा में एंजाइमों को पचाने में आसान बनाता है।

सामग्री (2-3 लोगों के लिए)

1 कप अंकुरित मूंग
1/4 चोथाइ कप बारीक कटी शिमला मिर्च
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा प्याज
1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
गार्निश करने के लिए
1 चम्मच बारीक कटा हुआ लहसुन
1 चम्मच तेल
1 चम्मच सोया सॉस
2 चम्मच सफेद सिरका
1/2 आधा चम्मच चीनी
आधी चमच कुचली हुइ लाल मिर्च
 भुनी हुए मूंग 2 बड़े चम्मच पीसकर
काला नमक स्वाद के अनुसार

तरीका

एक कड़ाही में तेल डालकर गरम करें, तेल में लहसुन डालकर सुनहरा होने तक भूनें, फिर गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें।
अब इसमें भुना हुआ लहसुन, सोया सॉस, सफेद सिरका, चीनी, काली मिर्च, नमक और मूंग डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ।
अब एक बरतन में अंकुरित मूंग और शिमला मिर्च मिलाएं, पहले से तैयार गार्निश मिक्स को अच्छी से मिलाएं, ऊपर से हरी धनिया और हरे प्याज डालकर खाये या फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। और खानेके टाइम नींबू नीचोड कर खाये

Thursday, April 16, 2020

Android और iPhone में Whatsapp ग्रुप कॉल कैसे करें ? जाने आसान तरीका


Android और iPhone में Whatsapp  ग्रुप कॉल कैसे करें ? जाने आसान तरीका 

व्हाट्सएप दोस्तों और परिवार के साथ चैट करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। लेकिन यह ऐप सिर्फ चैटिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आपको अपने प्रियजनों से वर्चुअल तरीके से कॉल का मौका देता है, जिसे वीडियो कॉलिंग कहा जाता है। अगर आप वीडियो कॉल नहीं करना चाहते हैं तो इस  App पर वॉयस कॉलिंग फीचर भी आपके लिए उपलब्ध है। यह केवल एक व्यक्ति से नहीं बल्कि आप व्हाट्सएप कॉलिंग के माध्यम से एक बार में बहुत से लोगों के साथ वीडियो चैट का आनंद ले सकते हैं। Whatsapp का ग्रुप कॉलिंग फीचर तमाम प्लेटफॉर्म पर मौजूद है, चाहे आप एंड्रायड इस्तेमाल करते हों या आईफोन इस्तेमाल करते हों।


WhatsApp का ग्रुप कॉलिंग फीचर 2018 में लॉन्च किया गया था। ये सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एक ही समय में कई लोगों के साथ वीडियो कॉल करना चाहते हैं और zoom  या google Duo जैसे अन्य ग्रुप कॉलिंग ऐप को समजना नही चाहते हैं। ऐसे लोगों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप कॉल एक अच्छा विकल्प है। यदि आप भी इस सुविधा का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन इसका उपयोग करना नहीं जानते हैं, तो आज हम आपकी इस दुविधा को ठीक करने जा रहे हैं।

आज हम आपको व्हाट्सएप ग्रुप कॉल करने का तरीका बताएंगे। हालाँकि, Android और  iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए यह तरीका अलग है। हम आपको दोनों तरीके बताने जा रहे हैं। तो आइये जानते हैं वो तरीका


एंड्रॉइड पर व्हाट्सएप ग्रुप कॉल कैसे करें

1. पहले ओपन करे व्हाट्सएप ऐप।
2. अब व्हाट्सएप पर चैट, स्टेटस और कॉल बार से 'कॉल' चुनें।
3 कॉल का चयन करने के बाद, आप उस लीस्ट को देखेंगे, जिसे आपने आजतक व्हाट्सएप पर कॉल किये है।
4 अब  आपको 'न्यू ग्रुप' कॉल बटन पर क्लिक करना है।
5 अब आपको व्हाट्सएप ग्रुप कॉल करने के लिए जितने भी कॉन्टैक्ट्स चुनने हैं, उन्हें चुनना होगा। याद रखें कि आप केवल तीन लोगों के ग्रुप को चुन सकते हैं।
6.चुनेहुये  Contact अब सर्कल सूची में सबसे ऊपर होगे।
7.  आपको यहां चुनना होगा के आप वीडियो कॉल करना चाहते हैं या वॉइस कॉल करना चाहते हैं।

यदि आपको कॉल के दौरान कोई अन्य कॉल सदस्य बनाने की आवश्यकता है, तो आप उन्हें संपर्क आइकन पर क्लिक करके भी जोड़ सकते हैं। याद रखें कि चार से अधिक सदस्य कॉल में शामिल नहीं हो सकते हैं।


कैसे करें व्हाट्सएप ग्रुप को iPhone पर कॉल

1. सबसे पहले अपने आईफोन में व्हाट्सएप खोलें।
2. अब व्हाट्सएप के निचले हिस्से में जाएं और स्टेटस, कॉल, कैमरा और चैट बार से 'कॉल' चुनें।
3. कॉल का चयन करने के बाद, आप उस सूची को देखेंगे, जिसे आपने आज व्हाट्सएप पर कॉल किया है।
4.  अब बस आपको 'न्यू ग्रुप' कॉल बटन पर क्लिक करना है।
5. अब आपको वह लिस्ट दिखाएगा जहां से ग्रुप कॉल के लिए Contact का चयन करना है। आईफोन में एंड्रॉइड की तरह, आप केवल समूह कॉल के लिए तीन लोगों का चयन कर सकते हैं।
6. अब यह चुनना है कि आप वीडियो कॉल करना चाहते हैं या वॉइस कॉल करना चाहते हैं। वॉइस कॉल के लिए, आपको फोन बटन पर क्लिक करना होगा, जबकि वीडियो कॉल के लिए वीडियो कैमरा बटन।

आईफोन पर भी, यदि आप कॉल के दौरान किसी अन्य सदस्य को कॉल का हिस्सा बनाना चाहते हैं, तो आप उन्हें Contact आइकन पर क्लिक करके भी जोड़ सकते हैं। याद रखें कि चार से अधिक व्यक्ति कॉल में शामिल नहीं हो सकते हैं।


इसके अलावा, आप ग्रुप को सीधे अपने Android और iPhone पर भी कॉल कर सकते हैं। आप जानेकि कैसे करे

1. पहले व्हाट्सएप ऐप खोले।
2. अब उस ग्रुप को चुनें जिसे आप कॉल करना चाहते हैं।
3. अब व्हाट्सएप कॉल बटन पर क्लिक करें।
 4. अब सबसे नीचे आपको एक पॉपअप स्क्रीन दिखाई देगी, यहां आपको उन कॉन्टेक्ट्स को चुनना होगा जिन्हें आप कॉल करना चाहते हैं। आप केवल तीन लोगों का चुन सकते हैं।
5. अब आपको वीडियो और वॉयस कॉल सेलेक्ट करना है। फिर आप इन तीन सदस्यों के साथ वीडियो या वॉयस कॉल का आनंद ले सकते हैं।
       तो आपको  इस पोस्ट से whatsapp पे ग्रुप कोल करना समज मे आगया होगा।

Tuesday, April 14, 2020

अंकुरित मूंग की दाल खाने के के बडे फायदे



अंकुरित मूंग की दाल के फायदे


    मूंग की दाल आप सब ने किसी न किसी तरह में ज़रूर खाया होगा। मूंग  दाल की कई रेसपी जैसे मूंग की दाल, मूंग सैंडविच, अंकुरित मूंग की दाल सलाड, मूंग दाल की खिचड़ी, बरिया, लड्डू और मूंग दाल का हलवा आदि को आप सभी ने ज़रूर खाया होगा। मूंग की दाल का इस्तेमाल सिर्फ वानगी बनाने के लिए नहीं बल्कि वज़न घटाने के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते है क्योंकि अंकुरित मूंग की दाल के खानेसे शरीर को 30 ग्राम कैलरी और 1 ग्राम फ़ैट ही मीलता है।

        अंकुरित मूंग दाल में आयरन,प्रोटीन, मैग्‍नीशियम, विटामिन सी, विटामिन बी,विटामिन  बी -6,कैल्शियम,पौटेशियम, कॉपर, फ़ाइबर, फ़ास्फ़ोरस,नियासिन,फ़ोलेट,राइबोफ्लेविन,थायमिन आदि मौजूद होते है  इसलिए इसका खाना स्वास्थ्य के लीये भी बेहद फायदेमंद है।
फ़ायदेमंद अंकुरित मूंग की दाल :

पोषक तत्वों से भरपूर :-

     पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन और उचित पोषक तत्वों को पाने के लिए दररोज अंकुरित मूंग की दाल का सेवन  जरूर करें क्योंकि यह शरीर में जरुरी तत्‍वों की कमी को पूरा करके शरीर को ताकतवर बनाता है।  अंकुरित मूंग दाल में विटामिन सी, आयरन तथा फ़ास्फ़ोरस की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं मूंग की दाल अंकुरित के बाद अलग अलग दालों में मिलने वाला स्टार्च, ग्लूकोज़ में तथा फ्राक्टोज़, माल्टोज़ में बदल जाता है। इससे इनका टेस्ट तो बढ़ता ही है साथ ही वे हजम भी हो जाता हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं:-

    शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने और बीमारियों से लड़ने के लिए  मूंग की दाल का इस्तेमाल करें। ये शरीर को ताक़त देता हैं। उसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ़्लामेट्री गुण शरीर को रोगुं से लड़ने की (इम्‍यूनिटी पॉवर) छमता को बढ़ाता हैं।

कब्‍ज़ में राहत:-

   अंकुरित मूंग की दाल में फ़ाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जो पाचन शक्ति को ठीक कर कब्ज़ से छुटकारा दिलाती है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें:-

    अंकुरित मूंग की दाल में मौजूद पेप्टिसाइड बीपी को कंट्रोल और शरीर को फ़िट रखती है जिससे आप स्वस्थ और एक्टिव बने रहते है।

आयरन का अच्छा स्रोत:-

     मूंग की दाल आयरन का एक भरपूर स्रोत है। खुन की कमी से बचने के लिए ओर आयरन की कमी को दूर करने के लिए मूंग की दाल का जीयादा सेवन करें।

वज़न घटाने में मददगार:-

    अगर मोटापे से परेशान है और वज़न कम करना चाहते है तो अंकुरित मूंग की दाल खाया करें क्योंकि ये न सिर्फ़ आपकी कैलोरी कम करती है बल्कि आपको लंबे टाइम तक भूख भी नहीं लगती। इसीलिए रात के खाने में आप रोटी के साथ एक कटोरी मूंग दाल खाएं जिससे आपको भरपूर पोषण भी मिलेगा।
मूंग दाल के लाभ :

कब्ज़:-

       अगर आपको कब्ज़ होगयाहो तो मूंग की दाल की खिचड़ी बनाकर खाएं क्योंकि मूंग दाल की खिचड़ी सेवन करने से कब्ज दूर हो जाता है। किसी भी बीमारी के पश्चात शरीर बहुत कमज़ोर हो जाता है।तो इस कमजोर शरीर को मजबुत बनाने के लिए नियमित मूंग की दाल का उपयोग करें।

दाद, खाज-खुजली:-

      अगर आप दाद, खाज-खुजली की बीमारी से तकलीफ मे है तो मूंग की दाल को छिलके के साथ पीस कर पेस्ट बनाये फीर इस पेस्ट को तकलीफ की जगह पर लगा लें इससे बेहद आराम मिलेगा।

त्वचा एवं बाल :-

    अंकुरित मूंग की दाल आपकी त्वचा से लेकर आपके बालों को निखारने में मदद करती हैं। अगर आप बाल झड़ने की तकलीफ से परेशान हैं तो आप अंकुरित दाल की एक कटोरी रोज़ सुबह नाश्‍ते में लें। ऐसा करने से आपके बालों को पोषण मिलेगा।

तो आज से ही अंकुरित मूंग की दाल का रोजाना सेवन करें और खुन की कमी , कमजोर हडि्डयों, मानसिक तनाव, कब्ज़, नींद न आना , बवासीर, मोटापा तथा पेट के कई अन्य रोगों से छुटकारा मिलता है।

Saturday, April 11, 2020

सिरदर्द हो तो अपनाएं ये घरेलू इलाज, तत्काल होगा फायदा Headache




सिर दर्द से छुटकारा पाने के लिए इन उपायों को आजमाएं
सिरदर्द वास्तव में नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी समस्या है। सिरदर्द के साथ सुबह उठने का मतलब है पूरा दिन बर्बाद करना। सिरदर्द एक बहुत ही आम समस्या है लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज़ होती है कि इसका सामना करना मुश्किल होता है। हालांकि बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं, जो सिरदर्द से राहत दिला सकती हैं। लेकिन हर बार दवाई लेना ठीक नहीं है। शरीर में अत्यधिक नमक का सेवन अन्य बीमारियों को जन्म दे सकता है। लेकिन अगर आप चाहें तो कई घरेलू उपचार हैं जिनसे आप अपने सिर दर्द से राहत पा सकते हैं। ये उपाय इतने आसान हैं कि आप अपने कार्यालय में काम करते हुए इन्हें आज़मा सकते हैं। लेकिन उनमें से एक चीज जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह है अपने दिमाग से किसी भी बुरे विचार को निकालना और शांत रहने की कोशिश करना। इन घरेलू उपचारों के बारे में अच्छी बात यह है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार हैं।
1. एक्यूप्रेशर द्वारा
सालों से लोग सिर दर्द से राहत पाने के लिए एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल कर रहे हैं। सिरदर्द की स्थिति में, अपनी हथेलियों को ऊपर ले आएं। फिर, दूसरे हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच के स्थान पर एक हाथ से धीरे से मालिश करें। इस प्रक्रिया को दोनों हाथों में दो से चार मिनट तक दोहराएं। ऐसा करने से आपको सिरदर्द से राहत मिलेगी।
2. पानी से
थोड़ी मात्रा में पानी पीने से भी सिरदर्द से राहत मिलती है। एक बार जब आपका शरीर हाइड्रेटेड हो जाएगा, तो सिरदर्द कम होना शुरू हो जाएगा।
3. लौंग के माध्यम से
एक तवे पर पांच छेह लौंग को गर्म करें। इन गर्म लौंग को रूमाल में बांधें। इस पोटली को कुछ देर तक सूंघते रहें। आप देखेंगे कि सिरदर्द कम हो गया है।
4. तुलसी के पते से
जब आपको सिरदर्द होता है तो आपने अक्सर लोगों को चाय या कॉफी पीते देखा होगा। तुलसी के पत्तों को पानी में पकाने के बाद खाएं। यह किसी भी चाय और कॉफी की तुलना में अधिक कारगर और फायदेमंद है। 5. सेब में नमक डालें
यदि बहुत प्रयास के बाद भी आपको सिरदर्द दुर नहीं हो रहा है, तो एक सेब काट लें और उसमें नमक डालें। सिर दर्द से राहत पाने के लिए यह एक बहुत ही असरकारक उपाय है।
6. काली मिर्च और पुदीने की चाय
सिर दर्द के लिए काली मिर्च और पुदीने की चाय पीना भी बहुत फायदेमंद होता है। आप चाहें तो काली चाय में कुछ पुदीने की पत्तियां भी डाल सकते हैं।

Friday, April 10, 2020

तब्लीगी जमात की शुरुआत कब कहां से कीस्ने स्थापना की


तब्लीगी जमात की शुरुआत सं. इ. 1926 में हरियाणा के मेवात से हुई थी। मेवात के क्षेत्र में बड़ी संख्या में मुसलमान रहते थे, जो देर से मध्य युग में इस्लाम कबूल किया था
वो अर्ध-मुस्लिम और अर्ध-हिंदू कलचर में जिंदगी गुजार रहते थे। इस समय के दौरान क्षेत्र में तेज आंदोलन शुरू हुआ, जिसका मकसद मुसलमानों को हिंदू बनाना था, जबकि उसी समय अंग्रेजो ने मुसलमानों को ईसाई धर्म में दाखिल करनेकी कोशिश शुरू कर दी थी। इन प्रयासों के साथ, कुछ मुसलमानों ने धर्म छोडने का मार्ग भी अपनाया था ।  तब्लीगी जमात के संस्थापक मौलाना इलियास (र) ने मुसलमानों के इमान के खतरे को महसूस किया और मदरसा मझाहीरुल उलुम सहारनपुर में अपनी शिक्षण नौकरी छोड़ दी और मुसलमानों को सुधारने की शुरुआत करदी। वो मेवात के मुसलमानों को सुधारने में मशगूल होगये।

यह भी पडे:-
        हज्जाज बिन यूसुफ की दर्दनाक मौत की कहानी


इस जमात ने अद्भुत तरीके पर अच्छे काम किये है। उन्होंने इस्लाम से दूर  मुसलमानों को एक धार्मिक स्वभाव दिया है और उन्हें सुधारने का काम किया है। तब्लीगी जमात पुरी दुनिया में सीधे रास्ते से भटके मुसलमानों को सही दीन की शिक्षाओं पर अमल करने की तबलीग करती है। पाकिस्तान सहित दुनिया भर में इस तबलीगी जमात के काम से प्रभावित होने वाले जमातीयुं की संख्या गीनना आसान नहीं है, उनमें से बड़ी संख्या में शोबिज़, खिलाड़ी , व्यवसायी , राजनीति सहित अन्य क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले मशहूर व्यक्तियों की  एक  बड़ी संख्या भी हैं। तबलीगी जमात कीसी नई विचारधारा या नए मकसद का प्रचारक नहीं है, बल्कि केवल खुद और अपने मुस्लिम भलाई के लिए कड़ी मेहनत और कुर्बानी की दावत देती है। इसीलिए, अन्य संगठनों और संघों की तरह, इस आंदोलन का कोई कानून या घोषणा पत्र नहीं है। कोई कार्यालय या रजिस्ट्रार नहीं है और न ही कोई सदस्य या अधिकारी हैं । यहां तक कि उसे एक अनोखा नाम भी नहीं दिया गया था। इस तबलीगी जमात के संस्थापक मौलाना इलियास कहते थे कि हमने इस "तब्लीगी जमात" का नाम नहीं लिया है। हम सिर्फ काम करना चाहते थे, इसे नाम देना भी जरूरी नहीं समझते थे। लोगों ने तबलीगी जमात कहना शुरू कर दिया, फिर यह इतना लोकप्रिय हो गया कि हमने इसे खुद कहना शुरू कर दिया। "
आज, तब्लीगी जमात अपनी नुमाया विशेषताओं और अलग गुणों के कारण दुनिया भर में जानी और पहचानी जाती है। तबलीग का काम दुनिया के 200 से अधिक देशों में किया जा रहा है। दुनिया भर में 30 मीलीयन से अधिक लोग इससे जुड़े हैं। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश इसके प्रमुख केंद्र हैं। इस जामात का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। कोई फंडिंग और डोनेशन सिस्टम नहीं। कोई प्रसारण विभाग नहीं। अखबारों और टेलीविजन के प्रशंसक बनने में उनका कोई शोख नहीं है। उसके खिलाफ दुनिया के किसी भी पुलिस स्टेशन में कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। ये जमात किसी भी प्रकार की हिंसा और गलत गतिविधियों में शामिल नहीं होता है। दुनिया भर के किसी भी देश ने उन पर कभी भी हिंसक वारदातों का आरोप नहीं लगाया। ये जमात देश के कानूनों को ध्यान में रखकर अपने कार्य करती है। यह जमात उन लोगों को भी जवाब नहीं देता जो उनके खिलाफ बोलते हैं। वे प्रेम से आमंत्रित करते हैं और प्रचार करते हैं। सादगी और मानवतावाद इसके स्वभाव में है।
यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक और कानून का पालन करने वाली जमात है। तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाने के लिए बार-बार प्रयास किए गए, लेकिन विचार  धारकों के पास ऐसा कोई मोका नहीं मीलसका। उन्होंने तबलीगी जमात के तरीके और  उनके नीसाब में ऐसा कोइ पॉइंट उन्हें नहीं देखा जो इसे बहाना बनाकर  उन पर पाबंदियां लगा देते। इस जमात की इतिहास में कोई मिसाल नहीं है कि इसने सरकार के साथ टकराव की कोशिश की है और न ही कभी आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण आंदोलन है और हमेशा हिंसा का विरोध किया गया है।
      ऐसा कोई मामला नहीं है जहां इस जमात ने कभी कानून का उल्लंघन किया हो या इस व्यवहार से किसी धर्म या जाती को नुकसान पहुंचाया गया हो। लेकिन वायरस मीडिया ये कह रहा है कि दुनिया अब यह महसूस कर रही है कि यह भारतीय वायरस मीडिया केवल हिंदू मुस्लिमों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रही है कि यह वायरस मीडिया कभी भी सभी भारतीय मुसलमानों को एकसाथ खुले तौर पर टारगेट नहीं किया गया है। बल्कि, यह अलग अलग रूप से मुस्लिम समुदाय को टार्गेट कर रहा है और मुस्लिम समाज को कमजोर कर रहा है। लेकिन इस बार सभी मस्लक और सभी मुसलमानों ने महसूस किया है कि आज उनकी बारी है तो कल हमारी बारी होगी। जबकि तब्लीगी जमात संप्रदायवाद को खत्म करने के लिए अपने घोषणा पत्र में शामील है। ये लोग सभी मस्लकों की मस्जिदों में जाते हैं। सभी फीरकुंं के लोगों से मिलना और सभी मुस्लिम लोगों को एहसास दीलाते हैं कि जब तक हम पैगंबर साहब के रोशन उसूलों का पालन नहीं करेंगे, तब तक दुनिया हमसब  को अपमानित करती रहेगी। अगर ऐसा कहा जाता, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि तब्लीगी जमात मुस्लिम समुदाय की एकता और मुस्लिम उम्मत की एकता के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म है, जिस पर सभी मसालीक और फीरकुं के लोग अपने-अपने मसालीक के मफादात को पीछे डालकर  केवल सच्चे मुसलमान बननकी कोशिश करें  तो बहुत जल्द ही फीरकावारीयत समाप्त हो सकती है।
 इंसानों का बनाया हुआ कोई भी नीझाम पूरे तौर पर खामी रहित नहीं होता।  जरूर कोई न कोई खामी रह जाती है चाहे कोई भी काम कितना भी ईमानदारी से क्यों न हो। खामियां किसी में भी हो उन्हें मौके पर ही हटाया जा सकता है, और समय के साथ-साथ इंसान खामीयुं को सुधारना और दूर करना जारी रखता है।  तब्लीगी जमात का नीझाम भी लोगों की भलाई के लिए ईमानदारी के साथ बनाया गया एक नीझाम है, जिसमें निश्चित रूप से कई खामियां होंगी, लेकिन इसकी कुच कमियों के कारण पूरे के पूरे रूप में इसकी सेवाओं को खारिज नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोगों पर आश्चर्य होता है जो किसीकी एक खामी की वजासे उस्की नींनानवे(99) खुबीयुं पर पानी फेर देते हैं । विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब यह धार्मिक मामलों की बात आती है तो और भी संघीन होजाता है क्योंकि  के मजहब के नाम पर काम करने वाली  तमाम मसलक और फिरकुं की जमातुं और व्यक्तियों को एक दूसरे की धार्मिक सेवाओं की सराहना करनी चाहिए। किसी भी मस्लक के लोग धर्म के लिए बेहतर तरीके से काम कर रहे हो, बजाय उस पर उंगली उठाने के, उन्हें सहयोग करना चाहिए, ताकि वे बेहतर काम कर सकें, लेकिन दुख की बात है कि सभी मुसलमान अधिक से अधिक लोगों को हमारे मस्लक में लाने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन किसी को परवाह नहीं है कि अधिक से अधिक लोग इस्लाम में कैसे प्रवेश करे और जो पहले से ही इस्लाम में दाखिल हो चुके हैं, वे पूरी तरह से इस्लाम के रोशन सिद्धांतों पर काम करनेवाले बनजाये

9/11 के  बाद की तारीख हमारे सामने हैं
 इस्लाम से नफरत करने वाले पागलों ने इस्लाम को बदनाम करने के लिए क्या कुछ नहीं किया नतीजा उसका उल्टा निकला इसलाम उन लोगों तक भी पहुंचा जिन तक खुदा का पैगाम मुसलमानों के लिए पहुंचाना इतना आसान न था और लोग इस्लाम में दाखिल होते गए
 बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्लाम मजहब  दुनिया में सबसे ज्यादा फेलने वाला मजहब है और आइंदा चलकर ईसाइयत को पीछे छोड़कर दुनिया भर में इस्लाम को मानने वालों की  तादाद सबसे ज्यादा हो जाएगी
 तबलीगी जमात की पहचान   दुनिया भर में मुसलमानों के दरमियान तो है लेकिन जिस तरह से तबलीगी जमात मुसलमानों के दरमियान पहचानी हुई है लेकिन दूसरे मजहब के मानने वालों के दरमियान पहचानी हुई नहीं है
 मीडिया इस जमात  की पहचान कराते हुए उन  हजरात के काम की  पहचान भी करा रहा है
 तबलीग वालों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है के जिस प्यारो मोहब्बत का बर्ताव वह मुसलमानों के दरमियान करते हैं
 वह थोड़ा सा रुख आइंदा चलकर हिंदुस्तान के इस दबे कुचले  गैर मुस्लिमों के तबके की तरफ भी कर दे जिसे हमेशा से सताया गया है तो यकीन जाने पूरे हिंदुस्तान के अंदर एक इंकीलाब बरपा कर देगा न सिर्फ नफरत की दीवारें जमीन बोस होगी बल्कि मोहब्बत के साथ देश आगे बढ़ेगा। 
 बहुत मुमकिन है के तबलीगी लोग पहले से उसकी  तैयारियां  भी  कर रहे हो
 अल्लाह इस जमात का  हिमायत करने वाला  मदद करने वाला हो। 

Monday, April 6, 2020

पान खाने के फायदे जो आप जान कर हैरान रह जाओगे

पान खाने के फायदे जो आप जान कर हैरान रह जाओगे


पान वो एक खाना है जो कुदरती हालत में खाया जाता है

पान वो दौलत है जिसकी मोहब्बत दिल में आदती तौर पर डाल दी गई है

पान ही वह अजीब चीज है जिसको खाने से इंसान के अंदर चुस्ती और फुर्ती आ जाती है

पान ही वो एक  नेमत है  जो हरे रंग की होती है और इंसानी मुंह में जाकर गहरे लाल रंग में तब्दील होकर अपनी रंगारंगी की  दिलकश मीसाल पेश करती हैं

पान ही वो आजाद खाना है  जिसे खाने के लिए आपको  खाना खाने की तरह बेठना नहीं पड़ता  पान को आप रास्तों में मैदानों में बाजारों में बस अड्डों पर एयरपोर्ट पर चौराहे पर  घर में बाग में जंगल में बेझिझक खा सकते हैं

पान ही वह लाजवाब खाना है जो चलते फिरते दोडते लेटे बैठे हर तरह खा सकते हैं

पान का पत्ता कैंसर को रोकता है चेहरे को तरोताजा रखता है  दांतो को मजबूत मसूड़ों को ताकत देता है
 मुंह के कीटाणु को मारता है  और मुंह की बदबू को दूर करता है

पान के अंदर यूज होने वाला चुना इंसान के अंदर कैल्शियम आयरन पैदा करने के साथ-साथ गले और पेट की बीमारियों से बचाने की भरपूर ताकत रखता है

पान  में खाया जाने वाला जर्दा खुशबूदार  चांदी की टुकड़ों से भरा हुआ  दिमाग को आराम देता है यौन शक्ति को बढ़ाता है मुंह की बदबू का दुश्मन, लो दांत के कीड़ों से हिफाजत का एक शानदार नमूना है

Sunday, April 5, 2020

हज्जाज बिन यूसुफ की दर्दनाक मौत की कहानी Hajjaj bin yusuf ka waqia

हज्जाज बिन यूसुफ की दर्दनाक मौत की कहानी


 हजरत सइद इब्ने जबीर जोके एक ताबइ बुजुर्ग थे  एक दिन  मींबर पर बैठे हुए यह शब्द अदा किए के हज्जाज एक जालिम व्यक्ति है
 इधर जब हज्जाज को पता चला कि आप मेरे बारे में ऐसा गुमान करते हैं तो आपको  दरबार में बुला लिया और पूछा
 क्या तुमने मेरे बारे में ऐसी बातें बोली है?  तो आपने फरमाया हां बिल्कुल तू एक जालिम शख्स है यह सुनकर हज्जाज का रंग गुस्से से लाल हो गया और आपकी कत्ल का हुक्म जारी कर दिया  जब आपको कत्ल के लिए दरबार से बाहर लेकर जाने लगे तो आप मुस्कुरा दिए  हज्जाज को नागवार गुजरा इसने पूछा क्यों मुस्कुराते हो तो आपने जवाब दिया  तेरी बेवकूफी पर और जो अल्लाह तुझे ढील दे रहा है उसपर मुस्कुराता हूं
 हज्जाज ने फिर हुक्म दिया की उसे मेरे सामने कत्ल कर दो जब खंजर गले पर रखा गया तो आपने अपना रुख किबला की तरफ किया और यह जुमला कहा
 याअल्लाह  मेरा चेहरा तेरी तरफ है तेरी रजा पर राजी हूं ये हज्जाज नमौत का मालिक है  नजिंदगी का
 जब हज्जाज ने यह सुना तो बोला उसका रुख किबला की तरफ से फेर दो जब किबला से रुख फेरा तो आपने फरमाया या अल्लाह रुख जिधर भी हो तू हर जगह मौजूद है  मशरीक मगरीब हरतरफ तेरी हुकमरानी है मेरी दुआ है कि मेरा कत्ल उसका आखिरी जुल्म हो  मेरे बाद उसे किसी पर मुसल्लत नफरमाना
 जब आपकी जुबान से यह जुमला अदा हुआ उसके बाद आपको कत्ल कर दिया गया और खून इतना निकला के  दरबार तर हो गया एक समझदार बंदा बोला खून तब निकलता है जब कोई खुशी खुशी मुस्कुराता हो अल्लाह की रजा पर राजी होजाता है
हज्जाज बिन यूसुफ के नाम से सब वाकिफ है हज्जाज को मलिक बीन मरवान ने मक्का मदीना ताईफ और यमन का नाइब मुकर्रर किया था अपने भाई बशर की मौत के बाद उसे इराक भेज दिया जहां से वह कुफा में दाखिल हुआ इन इलाकों में 20 साल तक हज्जाज का अमल दखल रहा   उसने कुफा में बैठकर जबरदस्त फुतुहात हासिल की
 इस के दौर में मुसलमान मुजाहिदीन चीन तक पहुंच गए थे हज्जाज बिन यूसुफ ने ही कुरान पाक पर एराब लगाए अल्लाह ताला ने उसे बड़ी फसाहट बलागत और शुजात से नवाजा था हज्जाज हाफिज ए कुरान था शराब नोशी और बदकारी से बचता था वह जिहाद का धुनी और फुतुहात का हरीस था मगर उसकी तमाम अच्छाइयों पर उसकी एक बुराई ने पर्दा डाल दिया था और वह बुराई क्या थी जुल्म
 हज्जाज बहुत जालिम था उसने अपनी जिंदगी में  खूंखार दरिंदे का रूप धारण कररखा था
 एक तरफ मुसा इब्ने नसीर और मोहम्मद बिन कासिम कुफ्फार की गर्दन उड़ा रहे थे दुसरी तरफ वह खुद अल्लाह के बंदों अवलिया और उलमा के खून से होली खेल रहा था एक लाख 20 हजार इंसानों को कत्ल किया है उसके  जेल खानू मे एक-एक  दिन में 80 80 हजार कैदी एक वक्त में होते जिनमें से 30000 औरतें थी जो आखिरी कत्ल किया वह अजीम ताबेइ और जाहिद पारसा इंसान हजरत सइद इब्ने जबीर का कत्ल था
उन्हें कत्ल करने के बाद हज्जाज पर वहशत सवार हो गई थी मरीज बन गया था हज्जाज सोता तो हजरत सइद इब्ने जबीर उसके ख्वाब में आकर उसका दामन पकड़ कर कहते कि दुश्मने खुदा तूने मुझे क्यों कत्ल किया मैंने तेरा क्या बिगाड़ा था जवाब में हज्जाज कहता कि मुझे और सईद को क्या हो गया है
 इसके साथ हज्जाज को वह बीमारी लग गई जीसको झमहरीरी कहा जाता है उसे सखत सर्दी कलेजे से उठकर सारे जिस्म पर छाजाती वह कांपता था आग से भरी अंगूठियां उसके पास लाई जाती थी और उस कदर करीब रख दी जाती थी कि उसकी खाल जल जाती थी मगर उसे एहसास नहीं होता था  हकीमुं को दिखाने पर उन्होंने बताया कि पेट में सरतान है एक तबीब ने गोश्त का टुकड़ा लिया और उसे  धागे के साथ बांधकर  हज्जाज के हलक में उतार दिया
  थोड़ी देर बाद धागे को खींचा तो इस गोश्त के टुकड़े के साथ बहुत अजीब नसल  के कीड़े   लगे हुई थे  और इतनी बदबू थी पूरे एक मुरब्बा मील के फासले पर फैल गई दरबारी उठ कर भाग गए हकीम भी भागने लगे हज्जाज बोला किधर जाता है इलाज तो कर हकीम बोला तेरी बीमारी जमीनी नहीं आसमानी है पनाह मांग हज्जाज जब माद्दी तदबीरों से मायूस हो गया तो उसने हजरत हसन बसरी रहमतुल्लाह को बुलवाया और उसे दुआ की दरखास्त की वह हज्जाज की हालत देख कर रो पड़े  और फरमाने लगे मैंने तुझे मना किया था नेक बंदू के साथ छेड़छाड़ ना करना उनपर झुल्म न करना मगर तू बाज न आया आज हज्जाज इबरत का सबब बना हुआ था वह अंदर बाहर से जल रहा था वह अंदर से टुट फुट चुका था हज़रत इब्ने जबीर की  वफात के 40 दिन बाद ही हज्जाज की भी मौत हो गई थी जब देखा के बचने का इमकान नहीं तो करीबी रिश्तेदार को बुलाया जोबडी कराहत के साथ हज्जाज के पास आए वह बोला मैं मर जाऊं तो जनाजा रात को पढ़ाना और सुबह हो तेही मेरी कबर का निशान भी मिटा देना मुझे मरने के बाद कब्र में भी नहीं छोड़ेंगे अगले दिन हज्जाज का  पेट फट गया और उसकी मौत हो गइ अल्लाह जालीम की रस्सी लंबी जरूर करता है  लेकिन जब जालिम से हिसाब लेता है तो फरिश्ते भी अल्लाह की डर से कांपते हैं और अरश हीलजाता है अल्लाह जालिमों के जुल्म से हम सब को महफूज रखें आमीन