Thursday, May 14, 2020

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    रमजान इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना है। इस्लाम मे  चांद कैलेंडर का उपयोग होता है  यानी हर महीने की शुरुआत नए चांद के देखने से होती है। क्युं की चांद कैलेंडर सुरज कैलेंडर की तुलना में लगभग 11 दिन छोटा होता है, दुनिया भर में 180 करोड से ज्यादा मुसलमान इस महीने में रोजा (उपवास) करते हैं यानी अल्लाह की इबादत के लिए खाने  पीने के साथ साथ दुनिया के बीन जरूरी कामों को छोडदेते हैं   इस रमजान के महीने में मुसलमान पवित्र किताब यानी कुरान को जीयादा पढते हैं और रात को तरावी मे पुरे महीने में पुरे कुरान को पुरा करते हैं 

ईदुल फित्र दीन का त्योहार 

     जब मुसलमान पुरे महीने के रोजे पुरे करते हैं तो रमजान की आखिरी रात को चांद देखकर ईद के दिन का फैसला होता है.तो अल्लाह मुसलमानों को इनाम देते हैं जीसको इदुलफित्र कहते है इदुलफित्र के दीन मुसलमान छोटे छोटे गांव से जाकर शहरों मे जमा होते हैं वहां ईदगाह और बड़ी मस्जिदों में इद की नमाज पढते हैं नमाज के बाद मुसलमान एक-दूसरे की मुलाकात करते हैं     ऐसे में लोग एक-दूसरे के घर ईद पर जाते हैं और एक-दूसरे को ईद की बधाई देते हैं। लेकिन जो लोग दूसरे शहरों में या दोस्तों से दूर रहते हैं, वे भी सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हैं। अगर आप भी अपने दोस्तों को ईद की मुबारकबाद भेजना चाहते हैं या whatsapp पर स्टेटस लगाने के लिए इद मुबारक इमेज लगाना चाहते हैं तो आज हम आपको ईद के लिए खास इमेज दिखा रहे हैं, जिन्हें आप अपने whatsapp स्टेटस के लिए डाउनलोड कर सकते हैं।


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चेचन्या जहा सबसे खुबसूरत इलाका खुबसूरत लड़कियां और बहादुर कोम रहती हैं





दोस्तों, आज मैं आपको दुनिया के सबसे खूबसूरत लोग और सबसे खूबसूरत इलाके यानी चेचन्या के बारे में इस पोस्ट में बताने वाला हुं।

     हमने सैकड़ों जिन और परियों की कहानियां सुनी हैं जिनमें कोहे काफ के नाम का जिक्र हमेशा होता है, यानी जिन्नों और परियों का देश। लेकिन दोस्तों, यह जन्नत जैसा टुकड़ा यानी चेचन्या, दुनिया के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक है, जहाँ इसकी सुंदरता के अलावा, इसके निवासियों के अपने नैतिकता और ईमानदारी के नजरिए में इसका अपना उदाहरण है। चेचन्या इस्लामी परंपराओं वाला एक देश है। एक तरह से, चेचन्या को दशकों तक बदकिस्मत कहा जा सकता है आजादी के लिए लड़ने के बावजूद, इस क्षेत्र में अभी भी पूर्ण स्वतंत्रता की कमी है। चेचन्या का पूरा और आधिकारिक नाम चेचन्या गणराज्य है। चेचन्या की जनसंख्या 1436000 है। चेचन्या का क्षेत्रफल 17,300 वर्ग किलोमीटर है। यह दुनिया का 75 वां सबसे बड़ा देश है। इसकी राजधानी ग्रोज़नी है। चेचन्या की 32 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। देश के झंडे में तीन रंग शामिल हैं: हरा, सफेद और लाल।  जिसमें हरा रंग मुसलमान होने सफेद रंग अमन शान्ति और सुर्ख रंग उन शहीदों की याद दिलाती है जिन्होंने आजादी के लिए अपना बलिदान दिया था

      चेचन्या की सरहदें  जॉर्जिया अंगोस्तीया दागेस्तान रूस से मिलती है और एक सरहद बहरी कोजबीन से मिलती है। 

     देश के वर्तमान राष्ट्रपति रमजान कदुरो हैं। राष्ट्रपति का चुनाव यहां चार साल के लिए किया जाता है।

     यह क्षेत्र आंशिक रूप से मध्य यूरोप में स्थित है। चेचन्या को मुख्य रूप से किसी भी जिले में नहीं बांटा गया है, लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। चेचन्या में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाएं चेचन और रूसी हैं। अन्य छोटी भाषाएँ भी बोली जाती हैं

     देश की 95.3 प्रतिशत आबादी में से 75 प्रतिशत चेचन वंश के हैं, और शेष 4.7 प्रतिशत में रूसी प्रतिबद्ध अनश और अन्य छोटे जातीय समूह शामिल हैं। कुछ रूसी स्रोतों के अनुसार, 1994 में हिंसा में हजारों लोग मारे गए थे। यूक्रेनी आर्मेनियाई और चीनी देश छोड़ गये थे 

     इस्लाम देश का सबसे बड़ा धर्म है देश की आबादी का पचहत्तर प्रतिशत सुन्नी मुसलमान हैं जो इमाम शाफीई का अनुसरण करते हैं। अन्य संप्रदायों में कादरी और नक्शबंदी शामिल हैं लेकिन सबसे अधिक आबादी वाले शाफी और हनफ़ी हैं  अन्य धर्मों की बहुत कम संख्या है लाफ्टर के अनुसार, 2015 में मुस्लिम ग्रोजनी में एक निन्दात्मक फिल्म का विरोध प्रदर्शन हुवा था जिसमें  लगभग 350,000 से 500,000 लोग जमा हुये थे 

     चेचन्या में शादी मे दूल्हा एक तीन-टुकड़ा पैंट कोट पहनता है, जबकि दुल्हन एक सफेद पोशाक पहनती है। यहां एक अजीब रिवाज यह है कि शादी के बाद, दूल्हा अपने ससुराल वालों से नहीं मिलता है और जब तक पेहला बच्चा पैदा नहीं होता है तब तक दुल्हन अपने ससुराल वालों से नहीं मिलती है। 

     यहां की जामा मस्जिद को देश के दिल के रूप में मानाजाता है। यह मस्जिद देश में सबसे बड़ी है। पहले लोकतांत्रिक नेता के आगमन की याद में बनाइ गइ हैं , 

     कोहे काफ का विशाल विस्तार भी उसी देश में स्थित है। यह पर्वत श्रृंखला एशिया और यूरोप के बीच जुदाई की रेखा खींचती है। जब बर्फ यहां के ग्लेशियरों की ओर पिघलती है, तो यह दृश्य दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है और दुनिया भर से हजारों पर्यटक इन दृश्यों का आनंद लेने के लिए आते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह ग्लेशियर बहुत लंबा और उजाड़ है। इन पहाड़ों को पूरी तरह से नहीं देख पाया है 

     चेचन्या में वार्षिक पारंपरिक भोजन उत्सव मनाते हैं, जिसे शाह सिल्क फूड फेस्टिवल कहा जाता है, जो सबसे उत्साही और भोजन-प्रेमी लोगों के लिए एक उत्सव का अवसर है। इस त्योहार में किसी भी छोटे जानवर को पूरी तरह से भुना जाता है। इस त्योहार का आयोजन पूरे देश में किया जाता है। राष्ट्रपति इन कार्यक्रमों में जाते हैं और आम लोगों से मिलते हैं। इस दौरान, लोग सुंदर गाने और नृत्य भी करते हैं। युवा लड़कियां अपनी सुंदरता और युवावस्था के कारण मॉडलिंग करना पसंद करती हैं। और इसकी विशाल सुंदरता के कारण, यह किसी को भी आकर्षित कर सकती है, लेकिन इन मॉडल शो में, अश्लील कपड़ों के बजाय, हिजाब और पूरे शरीर को सुंदर कपड़ों से ढंका जाता है, जो यहां अच्छी और स्वच्छ संस्कृति को बनाए रखने का एक अमूल्य हिस्सा है। 

      एशिया और यूरोप के बीच तेल पाइपलाइनें इसी क्षेत्र से गुजरती हैं। कारण यह है कि रूस किसी भी परिस्थिति में इस क्षेत्र को अपने हाथों से बाहर जाने की अनुमति नहीं देता है। चेचेन को इस संबंध में सबसे अमीर क्षेत्र माना जाता है क्योंकि यहां लगभग 15,000 तेल रिफाइनरियां हैं। एक ऐतिहासिक दृष्टिकोण से, रूस। अपने नियंत्रित मे लेने के लिए, उन्होंने चालीस साल तक जुल्म का बाजार गर्म रखा और 1875 में रूस ने इस क्षेत्र को अपना क्षेत्र घोषित कर दिया। 1870 से 1920 तक चेचन्या कभी रूसी कब्जे में था। और एक बार यहां आने वाले क्रांतिकारियों से जुड़े होने के बाद, इसने 1924 में सोवियत संघ ने कब्जा कर लिया। और दुसरे विश्व युद्ध के दौरान, जब जर्मन सेना ग्रोज़नी पहुंची, चेचन्या के योद्धाओं ने रूसी तानाशाह जोसेफ के खिलाफ अपनी आवाज उठा लिया। 

       1991 में लाखों मुस्लिमों का नरसंहार किया गया जब अन्य बाल्टिक राज्यों ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। वही चेचन लोगों ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की, लेकिन रूस ने उस स्वतंत्रता को मान्यता नहीं दी और दागेस्तान से चेचन्या पर आक्रमण किया। रूस ने सोचा था कि वह अपनी विशाल सेना की ताकत से चेचन्या को कबजा हासिल करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और एक महीने की भीषण लड़ाई के बावजूद, रूसी सेना चेचन राजधानी ग्रोज़्नी पर कब्जा करने में असमर्थ रही। 

      1990 में, रूसी सैनिकों ने चेचन राजधानी ग्रोज़नी में फिर से प्रवेश किया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय रूस पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया और उसने अपने सैनिकों की तत्काल वापसी का आह्वान किया रूस ने 2001 में चेचन्या को  निशाना बनाया था । ऐसा कहा जाता है कि 2000 और 2008 के बीच। कई कब्रों की खोज की गई जिसमें हजारों लोगों को एक साथ दफनाया गया था  

       चेचेन की रोजगार का मुख्य स्रोत खेती भेड़ और घोड़े पालना हैं।

      रूस ने चेचन्या पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए और चेचन्या के सभी व्यापार मार्गों को बंद कर दिया चेचन्या की छह वर्षों में बेरोजगारी दर 67% थी, लेकिन वर्तमान राष्ट्रपति के अंथक प्रयासों की बदौलत, चेचन्या की आर्थिक वृद्धि तेजी से बढ़ी है और 2014 के एक रिपोर्ट के अनुसार रोजगार के स्रोतों की एक विस्तृत श्रृंखला बनाई है। रोजगार की दर केवल 21.5% है। 

      वहा की करंसी को रूबल कहा जाता है। 

      चेचन्या एक हल्की जलवायु वाला एक क्षेत्र है, लेकिन सर्दियों में यह पहाड़ों में बरफ बारी होती है, जीस्की वजासे गंभीर ठंड का कारण बनता है। 

     देश का सबसे बड़ा और सबसे ऊंचा पहाड़ अल ब्रुज़ और काजबिक हैं। इन पहाड़ों की ऊंचाई पांच हजार छह सौ बयालीस और पांच हजार तैंतीस फीट हैं । 

      चेचन्या में कई प्राकृतिक झरने हैं जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। यदि आप चेचन्या की यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको रूसी सरकार से अनुमति लेनी होगी। आपके पास एक साल का पासपोर्ट होना चाहिए और आप इसे रूसी वीजा वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। आप अब दिल्ली में रूसी दूतावास से भी संपर्क कर सकते हैं। चेचन्या जानेके लीये सड़क, रेलवे और हवाई अड्डे हैं। रूसी शहरों से ग्रोज़मी के लिए दैनिक उड़ानें हैं।

       चेचन मे यमी मीट परोसा जाता है। नूडल्स सबसे पसंदीदा व्यंजन माना जाता है। चेचन राष्ट्रीय पशु ग्रे वुल्फ है। यह थी चेचन्या की कुच जानकारी।

कॉमेंट करके जरूर बताना आप को यह जानकारी कैसी लगी। 

Sunday, May 3, 2020

رمضان المبارک میں ستر ہزار کلمہ پڑھ کر ایصالِ ثواب کرنے کی فضیلت


رمضان المبارک میں ستر ہزار کلمہ پڑھ کر ایصالِ ثواب کرنے کی فضیلت 
ملا علی قاری ؒ نے مرقاۃ شرح مشکوٰۃ میں الشیخ محی الدین ابن العربی ؒ کے حوالے سے یہ حدیث نقل کی ہے کہ حضور ﷺ نے فرمایا کہ:   مَنْ قَالَ لَا اِلٰہَ اِلَّا اللّٰہْ سَبْعِیْنَ اَلْفًا غُفِرَ لَہٗ ط   جس شخص نے ستر ہزار مرتبہ لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ پڑھا ، اس کی مغفرت کردی جاتی ہے۔ اور اس حدیث کو ذکر کرنے کے بعد نقل فرمایا ہے کہ وَمَنْ قِیْلَ لَہٗ غُفِرَلَہٗ اَیْضاً اور کسی کو پڑھ کر ایصالِ ثواب کردیا جائے تو اس کی بھی مغفرت کردی جاتی ہے۔ اور دلیل میں یہ واقعہ نقل کی ہے کہ اُن کی خدمت میں ایک جوان آیا جو ولی اللہ تھا، کَانَ مَشْھُوْرًا بِالْکَشْف، اس کا کشف مشہور تھا، اس نے اچانک رونا شروع کردیا۔ شیخ ابن عربی نے پوچھا! مَا حَضَرَ بِبُکَا ئٍ، اے جوان کیوں روتا ہے؟ اس نے کہا ، انِّی اَراٰی اُمّیْ فِی الْعَذَابِ، میں اپنی ماں کو عذاب میں دیکھ رہا ہوں۔ شیخ ابن عربی  ؒ فرماتے ہیں   فَوھَبْتُ لَاُمِّہٖ ، میں نے اس کی ماں کو ستر ہزار لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ  کا ثواب ہدیہ کردیا اور دل میں اللہ سے بات کی کہ اے اللہ !  یہ جو میں نے ستر ہزار  لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ پڑھا ہے اور ابھی تک کسی کو ایصالِ ثوات نہیں کیا یہ اس جوان اللہ والے کی ماں کو عطا رکردے۔  فَضَحِکَ الشَّابُّ، بس وہ جو ان ہنسا حالانکہ شیخ کی زبان ابھی ہلی نہیں تھی، دل میں اللہ تعالیٰ سے سودا کیا تھا لیکن چونکہ اس جوان کا کشف بہت مشہور تھا تو وہ فوراً ہنسا۔ شیخ نے پوچھا لَااِلٰہ  مَاھٰذا الضِّحْکُ،کیو ں ہنستے ہو؟ اس نے کہا ! اِنِّیْ اَرٰی اُمِّیْ فِیْ حُسْنِ الْمَآبِ،میں اپنی ماں کو جنت میں دیکھ رہا ہوں۔ شیخ فرماتے ہیں : لَا فَعَلِمَتْ صِحَّۃَ ھٰذَا الْحَدِیْثِ بِصِحَّۃِ کَشْفِہٖ وَصِحَّۃَ کَشْفِہٖ بِصِحَّۃِ ھٰذَا الْحَدِیْث، میں نے اس حدیث کی صحت کو اس جوان کے کشف سے اور اس کے کشف کی صحت کو اس حدیث کی صحت سے دیکھ لیا، حدیث پر تو یقین پہلے ہی تھا لیکن اب اور بڑھ گیا ۔ اس لئے عرض کرتا ہوں کہ زندگی چند دن کی ہے۔ تو روزانہ لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ کی پانچ تسبیح پڑھ لیجئے، یہ پچیس منٹ میں پوری ہوجائیں گی۔ درمیان میں ، مُحَمَّدُ رَّسُوْلُ اللّٰہِ پڑھ لیجئے اور جب لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ شروع کیجئے تو یہ مراقبہ کیجئے کہ میری لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ عرشِ اعظم تک جارہی ہے ، کیونکہ بشارت دینے والے سید الانبیاء ﷺ ہیں جو صادق المصدوق ہیں، اصدق القائلین ہیں، ان سے بڑھ کر کون سچا ہوگا؟ ان کی بشار ت ہے کہ جب بندہ  لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ پڑھتا ہے تو  لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ لَیْسَ لَھَا حِجَابٌ دُوْنَ اللّٰہِ، اللہ تعالیٰ میں اور لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ  میں کوئی حجاب نہیں۔ جب یہ تصور ہوگا کہ میری ہر لَااِلٰہ اِلَّااللّٰہُ ،عرشِ اعظم تک جارہی ہے، اللہ تعالیٰ سے ملاقات کررہی ہے تو بتائیے  مزہ آئے گا یا نہیں؟  ہر پانچ ماہ بعد اپنے پیارے رشتہ داروں کو والدہ، والد، اولاد ، دادا دادی نانا نانی کو ستر ہزار مرتبہ کلمہ بخش سکتے ہیں 

पपीता खाने के दमदार फायदे और नुकसान


   पपीता एक आसानी से पचने वाला फल है। पपीता एक बहुत ही स्वादिष्ट सेहतमंद फल है, पपीता भूख और शक्ति बढ़ाता है।पपीता दिल को स्वस्थ रखता है यह तिल्ली, यकृत और पीलिया जैसी बीमारियों को ठीक करता है। पेट की बीमारियों को ठीक करने में पपीता खाना फायदेमंद है। पपीता खाने से पाचन तंत्र में सुधार होता है। पपीते का रस अनिद्रा, सिरदर्द, कब्ज और अन्य रोगों को ठीक करता है। पपीते का जूस पीने से एसिडिटी (खट्टी डकारें आना) खत्म हो जाती हैं। पपीता पेट की बीमारियों, दिल की बीमारियों, आंतों की कमजोरी आदि को ठीक करता है।इसमें बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं जो बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाते हैं कच्चे पपीते की सब्जी खाना पेट के लिए फायदेमंद होता है।पके पपीते की तुलना में कच्चा पपीता स्वास्थ्य के लिए अधिक फायदेमंद है। यह विटामिन ए से भरपूर होता है।हाई ब्लड प्रेशर में पपीते की पत्तियों का इस्तेमाल फायदेमंद है यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है।

     यह बीटा कैरोटीन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो आपको लंबे समय तक जवान बने रहने में मदद कर सकता है। पपीते का सेवन पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप अपने पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में पपीते को नियमित रूप से शामिल करें।हम आपको पपीते के कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों का मुख्य कारण है। जब हृदय की रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है, तो दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पपीता फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल को जमा होने से रोकता है जो हृदय को स्वस्थ रखता है।

2. आजकल लोग फास्ट फूड का सेवन करना पसंद करते हैं, यह पेट के लिए बहुत हानिकारक होते हैं, इनका सेवन आपके पाचन तंत्र को खराब कर देता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से पपीते का सेवन करते हैं, तो यह आपके पेट को हमेशा स्वस्थ रख सकता है, पपीता पाचन एंजाइमों से भरपूर होता है। इसके अलावा, इसमें कई तरह के फाइबर होते हैं जो सही पाचन क्रिया को बनाए रखने में मदद करते हैं, इसके खाने से कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

3.पपीता वीर्य को बढ़ाता है, पागलपन को खत्म करता है और मुंह के घावों को खत्म करता है। इसे खाने से घाव ठीक होते हैं और दस्त को रोकने मे मदद करता है और पेशाब की रुकावट से राहत मिलती है। कच्चे पपीता का दूध त्वचा रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

4.पपीते के बीज कीड़ों को मारता हैं और मासिक धर्म को नियमित करता हैं। पपीता महिलाओं के स्तन के दूध को बढ़ाता है।

5.पपीता पाउडर पीने से पेट की जलन, घाव, ट्यूमर और अपच ठीक हो जाता है।

6.पका पपीता पाचन शक्ति बढ़ाता है, भूख बढ़ाता है, अधिक पेशाब लाता है, मूत्राशय के रोगों को खत्म करता है, पथरी को खत्म करता है और मोटापे को खत्म करता है। पपीता बलगम के साथ रक्त आने को रोकता है और खुनी बवासीर को रोकता है।

हानिकारक:

गर्भावस्था के दौरान और जिन महिलाओं को मासिक धर्म अधिक आता हो उन्हें कच्चा या पका पपीता नहीं खाना चाहिए। कच्चा पपीता बवासीर के रोगियों के लिए हानिकारक है। पपीते के बीज के उपयोग से गर्भपात हो सकता है।



Saturday, May 2, 2020

आँखों की रोशनी बढ़ाएं और इस चमत्कारी दवा से 15 साल जवानी लोट आयेगी




     आँखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों के आस-पास की स्किन को पुनर्जीवित करने का उपचार बहुत ही आसान है, तमाम चीजें आपकी रसोई घर में मिलेंगी और इसे बनाने का तरीका बहुत सरल है।
इस दवा के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है क्योंकि यह कुदरती तत्वो से बना है।

     और इस दवा को बनाने के लिए, आपकी जेब से अधिक खर्चा नहीं होगा क्योंकि यह बहुत कम कीमत पर बनाया गया है।

      रोजाना उपयोग के साथ, आंखों के आसपास की त्वचा नरम और कोमल हो जाती है और इसके अलावा, आपके बाल बेहतर हो जाएंगे और बालों का झड़ना कम होगा।
     एक बार इसका उपयोग करें क्योंकि यह आपका इस्मे कुछ भी खर्च नहीं होगा लेकिन स्वास्थ्य के लीये कीमती हैं।

तैयार करने के लिए सामग्री:

लहसुन की 3 कली

10 बड़े चम्मच शुद्ध शहद

200 ग्राम अलसी का तेल

4 नींबू

बनाने का तरीका

सबसे पहले लहसुन को छीलकर पीसले। नींबू के रस को एक कांच के जार में रखे इस जार में पीसाहुवा लहसुन, शहद और अलसी के तेल को डालकर अच्छी तरह से लकड़ी के चम्मच से अच्छी तरह से मिलालें। आपकी दवा तैयार है। इसे खाने से पहले दिन में 3 बार एक चम्मच लें। इसे त्वचा पर न लगाएं।

यह चमत्कारी दवा आपकी आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ आपके चेहरे को खुबसूरत बनायेगा और आपका चेहरा युवान दिखने लगेगा। आप इस दवा का परिणाम देखकर दंग रहजाओगे।