Tuesday, March 30, 2021

Internet Ki Khoj Kisne Ki Thi - इंटरनेट का आविष्कार किसने किया?


Internet Ki Khoj Kisne Ki Thi - इंटरनेट का आविष्कार किसने किया?



         दोस्तो आज दुनिया बहुत ही आधुनिक होचुकी है और कइ सालो का सफर इंसान कुछ ही घंटों में तय कर रहा है आसान कम्युनिकेशन के जरिए दुनिया की आर्थिक व्यवस्था पिछली सदी के मुकाबले आज ज्यादा बेहतर हो गई है इन सभी चीजों की वजह सिर्फ एक नेटवर्क है जो काम इंसान हजारों सालों में नहीं कर पाया इस नेटवर्क ने कुछ ही दशकों में कर दिखाया इंसान की बेहतर सोच होने के बावजूद भी एक दूसरे से संपर्क करना बेहद मुश्किल था यूं तो वैज्ञानिकों द्वारा ऐसी कई रचनाएं हुइ जीनसे दुनिया का नक्शा बदला लेकिन एक ऐसी रचना भी हुई जिसकी वजह से दुनिया का रुख ही बदल गया
     इंटरनेट की शुरुआत 1962 में हुई थी 1962 में जेसीआर लीखलीडर ने एक संस्था बनाई जिसको इन्होंने DARPA नाम दिया डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी इस संस्था के द्वारा लीख लीडर ने एक नेटवर्क बनाया जीस्का उन्होंने इंटेगलेटिक नाम दिया 
       इस नेटवर्क को बनाने का एक ही मकसद था सारी दुनिया को एक दूसरे से जोड़ना जेसीआर अपनी टीम के साथ इंटेगलेटिक नेटवर्क के साथ काम करते रहे 
       साल 1974 में DARPA के 2 अधिकारी डॉ. विंटन सर्फ और डॉ. रॉबर्ट इ क्हान) ने मिलकर टीसीपी यानी ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल बनाया और इंटेगलेटिक नेटवर्क का नाम बदल कर इंटेरनेट रख दिया लेकिन इंटरनेट बनने के बावजूद भी एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से कनेक्ट करना संभव नहीं था साल 1976 में डॉक्टर रोबर्ट मीलकाफ ने ऐथरनेट कोकसल केबल बनाया जिसके जरिए बहुत सारे कंम्पयूटर एक दूसरे से कनेक्ट कर सकते थे और किसी भी तरीके का डाटा ट्रांसफर करना संभव हो गया जीसे डॉक्टर रोबर्ट ने अलग नाम दीया जीस्का नाम लोकल एरिया नेटवर्क रखा
      इस्के बाद 1983 1 जनवरी को DARPA के चीफ मेम्बर डॉ. विंटन सर्फ ओर डॉ. रॉबर्ट इ क्हान ने DARPA को ARPA नेटवर्क में बदल दिया और उन्होंने इसके साथ IP यानी इंटरनेट प्रोटोकॉल बनाया जीस्की वज़ह से हर कंम्पयूटर की यूनिक आईडी अलग हो गई और इंटरनेट प्रोटोकॉल के जरिए कोई भी मशीन इंटरनेट को ऐकसेस कर सकती थी अब तक इंटरनेट डाटा ट्रांसफरींग केलक्युलेटींग और टुडी गेम के लीये इस्तेमाल किया जाता था लेकिन 1984 में डोक्टर जोन पोस्टल ने डोमीन एक्टेंशन बनाया जीसे आज हम .com .org .in के नाम से जानते हैं इसके जरिए से ऐक वेबसाइट बनाई जा सकती थी और इसके बाद वेबसाइट बनने लगी लेकी वेबसाइट सीरफ शहरों तक ही सीमीत थी साल 1979 में डॉ. विंटन सर्फ ओर डॉ. रॉबर्ट इ क्हान ने इंटरनेट को कोमरसलाइस कर आईएसपी यानी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बनाई और इसके जरिए इन्होंने पेहलीबार इंटरनेट को दुनिया मे आम करना शुरू किया 
       इससे पहले इंटरनेट सीरफ डीफेंस और गवर्नमेंट ऐजेंसी तक सीमीत था इस सर्विस को उस समय डायल अप इंटरनेट कहा जाता था इसके बाद 1991 में टीम्स परनली जोके ऐक साइंटिस्ट थे इन्होंने डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू यानी वर्ल्ड वाइड वेब बनाया जिसके जरिए से वेबसाइट एकसेस करना सारी दुनिया में संभव हो गया और 1991 के बाद इंटरनेट पर कोई भी चीज छुपी नहीं रही 
   अब आते है इंटरनेट की कामयाबी की तरफ
      1995 में इंटरनेट एवरेज स्पीड 28.8 केबीपीएस थी और उस समय इंटरनेट यूज करने वालों की तादाद लगभग एक करोड़ 60 लाख थी एक अनुमान के मुताबिक उस समय दुनिया के 0.2% लोग इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन 25 साल बाद आज 2020 में इंटरनेट के एवरेज स्पीड 5.6 एमबीपीएस है और दुनिया में तकरीबन 360 करोड लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं एक अनुमान के मुताबिक दुनिया के 40% लोग इंटरनेट से आज जुड़े हुए हैं और इन्हीं 25 सालों में इंटरनेट की स्पीड में 195% बढ़ोतरी हुई है
           1999 में नेफशन ने 18 साल की उम्र में ही वायरलेस फीडीलीटी नेटवर्क बनाया जिसे आजहम वाईफाई कहते हैं और इस ऑफलाइन नेटवर्क को नेफशन ने मोबाइल और कोमपेक मे बीलड कर इंटरनेट को बीना वायर शेयर करना संभव कर दिया यह तो बस एक नेटवर्क की शुरुआत थी इंटरनेट की वजह से दुनिया में कइ अविष्कारों ने जन्म लिया और क‌इ खोज की गई आज दुनिया के बड़े-बड़े बिजनेस और फाइनालशील शीशटम इंटरनेट पर नीरभर हैं एक अनुमान के मुताबिक अगर दुनिया में इंटरनेट सीरफ 1 घंटे के लिए बंद हो जाए तो दुनिया की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रीलीयन का नुकसान होगा और दुनिया तकरीबन 6 दिन पीछे हो जाएगी 
   
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